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~Course Details~
कक्षा ८
इस पाठ्यक्रम में क्लिप्स् तथा स्टोरी बोर्ड इस पद्धति का उपयोग किया है
COURSE DESCRIPTION
इस पाठ्यक्रम में निष्णात एवं अनुभवी अध्यापकों द्वारा आलोच्य विषय के अध्ययन का अत्यंत सूक्ष्मता के साथ विस्तृत तथा परिपूर्ण समावेश किया गया है । परिणामतः तत्संबंधी संकल्पनाओं की आसानी से जानकारी प्राप्त होने के कारण विद्यार्थियों की शैक्षिक उपादेयता बढ़ जाती है । क्लिप्स् तथा स्टोरी बोर्ड इस पद्धति का मुख्य आधार होने की वजह से विद्यार्थी बड़े चाव से इससे जुडे रहते हैं, फलतः अच्छे परिणाम दिखाई देतेही हैं उनके अर्जित ज्ञान की धारणा शक्ति भी बढ़ जाती है । साथ में परीक्षण एवं मूल्यांकन की सामग्री का साधन रूप अंतर्भाव होने के कारण विद्यार्थियों को उनकी विषय की जानकारी तथा धारणा को जानने-परखने का अवसर भी प्राप्त होता है । विशेष बात है कि इस प्रणाली की संरचना अध्यापन-शास्त्र के प्रसिद्ध हॉकटन मिफलिन के मानकों के अनुसार वर्णनात्मक रसपूर्ण रेखाचित्र, अॅनिमेशन तथा व्हिडिओ जैसे आधुनिक प्रभावी माध्यमों के आधार पर की गई है । इस पाठ्यक्रम केविज्ञान विषय में आपवायु प्रदूषण, कोशिका और इसकी संरचना, विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव, कोयला और पेट्रोलियम, दहन, पौधों एवं जंतुओं का संरक्षण, फसल उत्पादन एवं प्रबंध, ज्वाला, बल तथा दाब आदि और बहुत सारी शिक्षा ले सकते है | और गणित विषय में आप बीजगणितीय व्यंजक, घन और घनमूल, आंकड़ों का प्रबंधन, समानुपात और विलोम अनुपात, घातांक और घात, गुणनखण्डन आदि और बहुत सारी शिक्षा ले सकते है |
CURRICULUM
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Subject 1: विज्ञान
- Chapter 1.1: वायु प्रदूषण
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Chapter 1.2: कोशिका और इसकी संरचना
- 1.2.1: परिचय
- 1.2.2: उद्देश्य
- 1.2.3: कोशिका का परिचय
- 1.2.4: कोशिका की खोज
- 1.2.5: जीवों के प्रकार :
- 1.2.6: कोशिकाओं की आकृति और साइज
- 1.2.7: ल्पेज्मा झिल्ली (कोशिका झिल्ली) और इसके प्रकार्य
- 1.2.8: ल्पेज्मा झिल्ली (कोशिका झिल्ली) और इसके प्रकार्य
- 1.2.9: कोशिका भित्ति और इसके प्रकार्य
- 1.2.10: कोशिका और इसके प्रकार्य
- 1.2.11: केन्द्रक और इसके प्रकार्य
- 1.2.12: रिक्तिका
- 1.2.13: जंतु कोशिका और पादप कोशिका में विभेद
- 1.2.14: प्लैसिटड
- 1.2.15: सारांश
- 1.2.16: सारांश
- Chapter 1.3: विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव
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Chapter 1.4: कोयला और पेट्रोलियम
- 1.4.1: परिचय
- 1.4.2: उद्देश्य
- 1.4.3: प्राकृतिक संसाधनों का परिचय
- 1.4.4: प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार
- 1.4.5: कोयला
- 1.4.6: कोयले के उपयोगी उत्पाद
- 1.4.7: पेट्रोलियम
- 1.4.8: पेट्रोलियम का परिष्करण
- 1.4.9: पेट्रोलियम के संघटकों का उपयोग
- 1.4.10: प्राकृतिक गैस
- 1.4.11: पेट्रोल और डीजल बचाने के उपयोगी सुझाव
- 1.4.12: सारांश
- 1.4.13: सारांश
- Chapter 1.5: दहन
- Chapter 1.6: पौधों एवं जंतुओं का संरक्षण
- Chapter 1.7: फसल उत्पादन एवं प्रबंध
- Chapter 1.8: ज्वाला
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Chapter 1.9: बल तथा दाब
- 1.9.1: परिचय
- 1.9.2: उद्देश्य
- 1.9.3: क्या होता है जब बल टकराते हैं?
- 1.9.4: बल का प्रभाव
- 1.9.5: बल का प्रभाव
- 1.9.6: बल का प्रकार
- 1.9.7: सम्पर्क बल
- 1.9.8: पेशीय बल
- 1.9.9: घर्षण बल
- 1.9.10: असम्पर्क बल के प्रकार
- 1.9.11: दाब
- 1.9.12: दैनिक जीवन में दाब के उदाहरण
- 1.9.13: क्या द्रव और गैस भी ठोस की तरह दाब आरोपित करती हैं?
- 1.9.14: वायु और हमारा वायुमण्डल
- 1.9.15: वायुमण्डलीय दाब का दैनिक जीवन में अनुभव
- 1.9.16: सारांश
- 1.9.17: सारांश
- Chapter 1.10: घर्षण
- Chapter 1.11: प्रकाश
- Chapter 1.12: प्रकाश-नेत्र
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Chapter 1.13: धातु और अधातु
- 1.13.1: परिचय
- 1.13.2: उद्देश्य
- 1.13.3: धातु और अधातु का परिचय
- 1.13.4: धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुण
- 1.13.5: धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुण
- 1.13.6: धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुण
- 1.13.7: धातुओं और अधातुओं के रासायनिक गुण
- 1.13.8: धातुओं और अधातुओं के रासायनिक गुण
- 1.13.9: धातुओं और अधातुओं के रासायनिक गुण
- 1.13.10: धातुओं और अधातुओं के उपयोग
- 1.13.11: सारांश
- 1.13.12: सारांश
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Chapter 1.14: सूक्ष्मजीव मित्र एवं शत्रु
- 1.14.1: परिचय
- 1.14.2: उद्देश्य
- 1.14.3: सूक्ष्मजीव और उनकी आदतें
- 1.14.4: मित्रवत सूक्ष्मजीव और उनकी आदतें
- 1.14.5: मित्रवत सूक्ष्मजीव और उनके उपयोग
- 1.14.6: मित्रवत सूक्ष्मजीव और उनके उपयोग
- 1.14.7: हानिकारक सूक्ष्मजीव
- 1.14.8: मानव में रोग कारक सूक्ष्मजीव
- 1.14.9: पैथोजेन के कारण होने वाले सामान्य मानवीय रोग
- 1.14.10: जंतुओं में रोग कारक जीवाणु
- 1.14.11: पौधें में रोग उत्पन्न करने वाले सूक्ष्मजीव
- 1.14.12: खाध्य विषाक्तन (फ़ूड पौइजनिग)
- 1.14.13: खाध्य विषाक्तन (फ़ूड पौइजनिग)
- 1.14.14: सारांश
- Chapter 1.15: खनिज संसाधन
- Chapter 1.16: वनों एवं वन्यजीवों हेतु राष्ट्रीय संरक्षित क्षेत्र
- Chapter 1.17: प्लास्टिक
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Chapter 1.18: उर्जा संसाधन
- 1.18.1: परिचय
- 1.18.2: उद्देश्य
- 1.18.3: उर्जा के परंपरागत स्त्रोत - कोयला
- 1.18.4: परंपरागत उर्जा - पेट्रोलियम और इसके उत्पाद
- 1.18.5: पारंपरिक उर्जा की तुलना
- 1.18.6: उर्जा के गैर परंपरागत स्त्रोत
- 1.18.7: गैर परंपरागत उर्जा - परमाणु उर्जा
- 1.18.8: गैर परंपरागत उर्जा - भूतापीय उर्जा
- 1.18.9: गैर परंपरागत उर्जा - ज्वारीय उर्जा
- 1.18.10: गैर परंपरागत उर्जा - बायोगैस
- 1.18.11: गैर पारंपरिक उर्जा की तुलना
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Chapter 1.19: किशोरावस्था की ओर
- 1.19.1: परिचय
- 1.19.2: उद्देश्य
- 1.19.3: शारीरिक आकृति में परिवर्तन (पुरुष)
- 1.19.4: शारीरिक परिवर्तन : स्त्री
- 1.19.5: अंगों में प्रकार्यात्मक परिवर्तन
- 1.19.6: गौण लैंगिक लक्षण
- 1.19.7: गौण लैंगिक लक्षण
- 1.19.8: वृषण
- 1.19.9: थायरोइड ग्रंथि
- 1.19.10: ऐद्रिनल ग्रंथि :
- 1.19.11: अन्य जीवों में हार्मोन
- 1.19.12: स्त्रियों में जनन काल
- 1.19.13: मनुष्य में लिंग निर्धारण
- 1.19.14: सारांश
- 1.19.15: सारांश
- 1.19.16: सारांश
- 1.19.17: सारांश
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Chapter 1.20: जंतुओं में जनन
- 1.20.1: परिचय
- 1.20.2: उद्देश्य
- 1.20.3: मानव जनन तंत्र - नर
- 1.20.4: मानव जनन निषेचन
- 1.20.5: मानव जनन तंत्र - मादा
- 1.20.6: मानव जनन - भ्रूण का विकास
- 1.20.7: नवजात शिशु का विकास
- 1.20.8: अलैंगिक जनन - प्रकार
- 1.20.9: जनन की कृत्रिम विधियां
- 1.20.10: क्लोनिंग
- 1.20.11: सारांश
- 1.20.12: सारांश
- 1.20.13: सारांश
- Chapter 1.21: कुछ प्राकृतिक परिघटनाएं
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Chapter 1.22: ध्वनी
- 1.22.1: परिचय
- 1.22.2: उद्देश्य
- 1.22.3: ध्वनि कंपित वस्तुओं द्वारा उत्पन्न होती है
- 1.22.4: मनुष्य ध्वनि कैसे उत्पन्न करता है?
- 1.22.5: ध्वनि गम्न्कारती है|
- 1.22.6: ध्वनि गम्न्कारती है|
- 1.22.7: हम अपने कानों के माध्यम से ध्वनि सुनते हैं
- 1.22.8: आयाम, आवर्तकाल तथा आवृति
- 1.22.9: ध्वनि की आवृत्ति
- 1.22.10: तारत्त्व
- 1.22.11: श्रव्य ध्वनियाँ
- 1.22.12: संगीत और शोर
- 1.22.13: ध्वनि प्रदुषण और इसकी रोकथाम
- 1.22.14: सारांश
- 1.22.15: सारांश
- 1.22.16: सारांश
- 1.22.17: सारांश
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Chapter 1.23: तारे एवं सौर परिवार
- 1.23.1: परिचय
- 1.23.2: उद्देश्य
- 1.23.3: चन्द्रमा
- 1.23.4: चन्द्रमा की कलाएं
- 1.23.5: चन्द्रमा का पृष्ठ
- 1.23.6: तारामंडल
- 1.23.7: सौर मण्डल
- 1.23.8: उपग्रह (या चंद्रमा)
- 1.23.9: ग्रह
- 1.23.10: बुध
- 1.23.11: पृथ्वी
- 1.23.12: मंगल
- 1.23.13: बृहस्पति
- 1.23.14: शनि
- 1.23.15: युरेनस
- 1.23.16: नेप्त्युन
- 1.23.17: प्लूटो
- 1.23.18: क्षुद्रग्रह
- 1.23.19: धूमकेतु
- 1.23.20: उल्का
- 1.23.21: कृत्रिम उपग्रह
- 1.23.22: सारांश
- 1.23.23: सारांश
- Chapter 1.24: कृत्रिम रेषे
- Chapter 1.25: घर्षण के प्रकार
- Chapter 1.26: जल प्रदूषण
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Subject 2: गणित
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Chapter 2.1: बीजगणितीय व्यंजक
- 2.1.1: परिचय
- 2.1.2: उद्देश्य
- 2.1.3: व्यंजक क्या है?
- 2.1.4: संख्या रेखा और व्यंजक
- 2.1.5: बीजीय व्यंजक
- 2.1.6: बीजीय व्यंजक
- 2.1.7: बीजीय व्यंजक
- 2.1.8: बहुपद की कोटि
- 2.1.9: बहुपद की कोटि
- 2.1.10: एकपदी, द्विपदी और बहुपदी
- 2.1.11: एकपदी, द्विपदी और बहुपदी
- 2.1.12: द्विपदी को त्रिपदी से गुणा करना
- 2.1.13: सर्वसम्मिका
- 2.1.14: सारांश
- 2.1.15: सारांश
- Chapter 2.2: राशियों की तुलना
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Chapter 2.3: घन और घनमूल
- 2.3.1: परिचय
- 2.3.2: उद्देश्य
- 2.3.3: पूर्ण घन
- 2.3.4: उदाहरण
- 2.3.5: उदाहरण
- 2.3.6: संख्याओं के घन की विशेषताएं
- 2.3.7: ॠनात्मक पुर्नांको का घन
- 2.3.8: घनमूल
- 2.3.9: किसी पूर्ण घन का अभाज्य गुणनखण्डन द्वारा घनमूल प्राप्त कीजिए |
- 2.3.10: ॠणात्मक संख्या का घनमूल
- 2.3.11: पूर्णांकों के गुणनखण्ड का घनमूल
- 2.3.12: परिमेय संख्याओं का घनमूल
- 2.3.13: सारांश
- 2.3.14: सारांश
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Chapter 2.4: आंकड़ों का प्रबंधन
- 2.4.1: परिचय
- 2.4.2: उद्देश्य
- 2.4.3: चित्र - आलेख
- 2.4.4: स्तम्भ आलेख
- 2.4.5: आकड़ों की तुलना
- 2.4.6: बारंबारता बटन
- 2.4.7: बारंबारता बटन सारणी
- 2.4.8: वर्ग अन्तरालों के दो विभिन्न प्रकार
- 2.4.9: आयत चित्र
- 2.4.10: वर्ग अंतरालों के इस्तेमाल वाली बारंबारता बंटन सारणी
- 2.4.11: बारंबारता सारणी
- 2.4.12: वृत्त आलेख
- 2.4.13: उदाहरण-१
- 2.4.14: सारांश
- 2.4.15: सारांश
- Chapter 2.5: समानुपात और विलोम अनुपात
- Chapter 2.6: घातांक और घात
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Chapter 2.7: गुणनखण्डन
- 2.7.1: परिचय
- 2.7.2: उद्देश्य
- 2.7.3: गुणनखण्डन
- 2.7.4: सार्व गुणनखनंडों की विधि
- 2.7.5: पदों को पुन: समूहन द्वारा गुणनखण्डन
- 2.7.6: सर्व समिकाओं के प्रयोग से गुणन खण्डन
- 2.7.7: बीजीय व्यंजकों का विभाजन
- 2.7.8: किसी बहुपद में एकपदी से विभाजन
- 2.7.9: प्रथम विधि
- 2.7.10: द्वितीय विधि
- 2.7.11: किसी बहुपद का बहुपद से विभाजन
- 2.7.12: सारांश
- 2.7.13: सारांश
- Chapter 2.8: आलेखों से परिचय
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Chapter 2.9: एक चर वाले रैखिक समीकरण
- 2.9.1: परिचय
- 2.9.2: उद्देश्य
- 2.9.3: समीकरण
- 2.9.4: रैखिक समीकरण
- 2.9.5: समीकरणों के हल
- 2.9.6: साधारण समीकरण
- 2.9.7: समीकरण को हल करना
- 2.9.8: दोनों पक्ष में चर वाले समीकरण
- 2.9.9: जटिल समीकरण
- 2.9.10: शब्द समस्यायें
- 2.9.11: शब्द समस्या
- 2.9.12: शब्द समस्या
- 2.9.13: उम्र सम्बन्धी समस्या
- 2.9.14: आयु सम्बन्धी समस्या
- 2.9.15: सारांश
- 2.9.16: सारांश
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Chapter 2.10: क्षेत्रमिति
- 2.10.1: परिचय
- 2.10.2: उद्देश्य
- 2.10.3: सामान्य 3D आकर
- 2.10.4: घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल
- 2.10.5: घनाभका पृष्ठीय क्षेत्रफल
- 2.10.6: घनाभ के पृष्ठीय क्षेत्रफल का उदाहरण
- 2.10.7: बेलन का पृष्ठीय क्षेत्रफल
- 2.10.8: बेलन के पृष्ठीय क्षेत्रफल का उदाहरण
- 2.10.9: घन का आयतन
- 2.10.10: घनाभ का आयतन
- 2.10.11: बेलन का आयतन
- 2.10.12: सारांश
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Chapter 2.11: संख्याओं के साथ खेलना
- 2.11.1: परिचय
- 2.11.2: उद्देश्य
- 2.11.3: व्यापक रूप में संख्याएं
- 2.11.4: संख्याओं के साथ खेल
- 2.11.5: अंकों का पलटना
- 2.11.6: अंकों के लिए अक्षर
- 2.11.7: अंकों के लिए अक्षर
- 2.11.8: 10 द्वारा विभाज्यता
- 2.11.9: 5 द्वारा विभाज्यता
- 2.11.10: 2 द्वारा विभाज्यता
- 2.11.11: 9 और 3 द्वारा विभाज्यता
- 2.11.12: उदाहरण
- 2.11.13: सारांश
- 2.11.14: सारांश
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Chapter 2.12: प्रायोगिक ज्यामिति
- 2.12.1: परिचय
- 2.12.2: उद्देश्य
- 2.12.3: रचना
- 2.12.4: जब तीन भुजाएँ और दोनों विकर्ण की लम्बाई दि हो
- 2.12.5: रचना
- 2.12.6: दो आसन्न भुजाओं और तीन कोणों की माप दी हो|
- 2.12.7: दो आसन्न भुजाओं और तीन कोणों की माप दी हो|
- 2.12.8: रचना
- 2.12.9: तीन भुजाएं और दो सम्मितीय कोण दिए हों|
- 2.12.10: रचना
- 2.12.11: विशेष चतुर्भुज वर्गों की रचना
- 2.12.12: सारांश
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Chapter 2.13: परिमेय संख्याएं
- 2.13.1: परिचय
- 2.13.2: उद्देश्य
- 2.13.3: संख्या पद्धति
- 2.13.4: परिमेय संख्या क्या है?
- 2.13.5: परिमेय संख्याओं का सरलीकरण
- 2.13.6: परिमेय संख्याओं का योग
- 2.13.7: परिमेय संख्याओं का व्यवकलन
- 2.13.8: परिमेय संख्याओं का गुणन
- 2.13.9: परिमेय संख्याओं का भाग
- 2.13.10: शून्य और एक की भूमिका
- 2.13.11: योज्य और गुननात्मक प्रतिलोम
- 2.13.12: परिमेय संख्याएं प्राप्त करना
- 2.13.13: सारांश
- 2.13.14: सारांश
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Chapter 2.14: वर्ग और वर्गमूल
- 2.14.1: परिचय
- 2.14.2: उद्देश्य
- 2.14.3: किसी संख्या का वर्ग
- 2.14.4: पूर्ण वर्ग
- 2.14.5: ॠनात्मक संख्याओं का वर्ग
- 2.14.6: किसी संख्या का वर्ग ज्ञात करना
- 2.14.7: वर्गमूल क्या है?
- 2.14.8: पुनरावृत्त व्यवकलन संख्या
- 2.14.9: अभाज्य गुणनखण्डन विधि
- 2.14.10: दीर्घ विभाजन विधि
- 2.14.11: सारांश
- 2.14.12: सारांश
- 2.14.13: सारांश
- Chapter 2.15: आकारों को समझना
- Chapter 2.16: ठोस आकारों का चित्रण
-
Chapter 2.1: बीजगणितीय व्यंजक